बाते कही अनकही
Tuesday, August 13, 2013
काम प्रेम की अभिव्यक्ति है . और यदि आप प्रेम से नहीं सिर्फ बेमन से काम कर सकते हैं तो बेहतर होगा कि आप अपना काम छोड़ दें और मंदिर के गेट पर बैठ कर उनसे भीख लें जो ख़ुशी से काम करते हैं .
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