Monday, May 13, 2013

(हमारा पप्पू )

जीरो बटे पप्पू और उसकी फॅमिली :
पप्पू की नई नवेली बहू घर आई तो सप्पू(पप्पू के बापू) की बीवी मुनिया ने अपनी बहू को सारी व्यवस्था समझाई।
सास-देखो बहू मैं इस घर की गृ़हमंत्री हूं, लेकिन साथ ही वित्त मंत्रालय भी संभालती हूं।
तुम्हारे ससुर प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें कुछ पसंद हो या न हो बस उन्हें खामोश रहकर हर बिल को पास करना है और घर की किसी भी विपदा में बस यही कहना है कि हम इस घटना की घोर निंदा करते हैं, चाहे मैं उनकी पेंशन एक ही दिन में क्यों न उड़ा दूं।
तुम्हारा देवर घर का विदेश मंत्री है, जिसके जिम्मे घर की सारी व्यवस्थाएं हैं और वह बजट में से अपना साइड बना ले तो भी घर के पूरे पूरे मंत्रालय को उसके सारे घोटाले में शांत ही रहना है।
हां तुम्हारी ननंद योजना मंत्री है और उसी की मर्जी से घर में हलवा, पूरी और खीर बनती है और जब वो चाहे, तो सभी को मूंग की दाल, लौकी की सब्जी और खिचड़ी से भी काम चलाना पड़ता है।
मेरा बेटा पप्पू यानी तुम्हारा पति घर का आपूर्ति मंत्री है, जो आपूर्ति करने में ही इतना व्यस्त रहता है कि दूसरे मंत्रालय में हस्तक्षेप करने का उसे वक्त ही नहीं होता और शांत रहकर बस अपना मंत्रालय अच्छे से चलाने का प्रयास करते रहना होता है।
अब असल बात कि तुम बताओ कि तुम्हें कौन सा विभाग चाहिए?
बहू- ऐसी सरकार में तो मैं फिर विपक्ष में बैठना चाहूंगी।

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